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हम सभी अपनी life में आगे बड़ना चाहते हैं। कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिससे हमारा नाम हो, हमें दुनिया में सभी लोग जानने लगे। इसी सोच के चलते हम सभी अपने बहुत बड़े – बड़े सपने देखते है। लेकिन कुछ एक बिगड़ती परिस्थियों की वजह से 90% उन सपनों के ही छोड़ देते हैं। 9% लोग उन सपनों को हकीकत बनाने का काम तो करते है पर वो भी एक stage पर पहुँच कर आगे की छलांग लगाने में सकुचा जाते हैं और सोचते है पूरा न सही पर कुछ तो सपना पूरा हुआ। इस सोच की वजह से वो भी अपने उसी अधूरे सपने लिए एक comfort zone में अटक कर रह जाते हैं। फिर आगे बदलते हालातों के चलते ओर निकलते वक्त के साथ उनके वो सपने धुंधले पड़ जाते हैं।

मगर 1% लोग ऐसे भी होते हैं जो हर कीमत चुकाकर अपने सपने के लिए लड़ते हैं। उन 1% लोगों को बाक़ी सब अपना आदर्श मानते हैं, उनसे inspire होते हैं। उनके बारे में बातें करते हैं लेकिन क्या हम कभी ये सोचते है कि हम आगे बड़े तो उनमें हमारा भी नाम हो।

“सफल लोग सफल इसलिए नहीं होते क्योकि वो सफल होने के लिए बने हैं। वो सफल इसलिए होते है क्योंकि वो बड़े सपने देखते हैं और उसको हकीकत बनाने के लिए रोज़ कुछ न कुछ काम करते हैं।”

अपने comfort zone को रोज थोड़ा थोड़ा छोड़ कर, खुद को आगे बढ़ाने और दूसरों को भी आगे बड़ने में मदद करने के विचार से प्रेरित एक छोटी सी कविता-

A man find his goal

बस अब ओर नहीं

कब से थमे हो इन राहों में

कितना ओर आराम करोगे मकानों में

बस बहुत हो गया रोना

खुद से ही आंखें खोल झूट बोलना

आज सुन काल भूलना

ओर नहीं, बस अब ओर नही

नई राहों पर निकलने का डर है जहन में

तुम्हारे तो क्या अजीवन कैद नहीं ये चार दीवारे

यूं कब तक दूसरों की परवाह करोगें

जब न होगा कोई भी साथ खुद से नाता अपना कैसे इख्तियार करोगें

कब तक कहोगे ये नही वो नही

ओर नही, बस अब ओर नही

शायद कुछ लोग छूट भी जाये इन गलियारों में

तो क्या रुक कर देख सकोगे उनको उड़ते आसमानों में

कि कुछ यूं हो उड़ने के बाद उड़ना सीखा रहें हो तुम

पाकर अपनी मंज़िल उनको भी पर लगा रहें हो तुम

अब भी कुछ है जो रोके हुए हैं तुमको

पेड़ से उलझकर, झोंको से लड़कर

क्या ऊचां आसमां नही दिखता पतंग को

काफी लम्हें गुजार दिए तुमने सोच विचारों में

अब उठाओ कलम लिख दो दास्तां अपनी इन कोरी किताबों में

अब ये मत कहना स्याही, नही कलम नही

ओर नही, बस अब ओर नही

✍️Aman Kaushik

ज़िन्दगी में क्या करना है [what to do in life] इस बात का निर्णय सिर्फ आज के मिलने वाले फायदे को न देखकर उस निर्णय का आने वाले 5साल में हमारे ऊपर क्या असर होगा। इस बात से लिया जाए तो ज़िन्दगी में क्या करना है ये निर्णय हमारा हमेशा सही होगा।